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TED2008

Alisa Miller: How the news distorts our worldview

अलिसा मिलर ख़बरों के बारे में खबर दे रही हैं.

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अलिसा मिलर, सार्वजनिक रेडियो इंटरनेशनल की अध्यक्ष, बता रही है की क्यों, हालाँकि हम दुनिया के बारे में अब इतना कुछ जानना चाहते हैं, फिर भी, अमरिकी मीडिया दरअसल हमें कम बता रही है. आँखें खोल देने वाले आंकड़े और ग्राफ.

- CEO, Public Radio International (PRI)
As the CEO of Public Radio International, Alisa Miller works to bring the most significant news stories to millions -- empowering Americans with the knowledge to make choices in an interconnected world. Full bio

How does the news shape the way we see the world?
खबरें किस तरह हमारे दुनिया देखने के तरीके को आकार देती हैं?
00:18
Here's the world based on the way it looks -- based on landmass.
यह है दुनिया, आकार पर आधारित -- भूमि फल पर आधारित.
00:22
And here's how news shapes what Americans see.
और यह है अमरीकी कैसे देखते हैं ख़बरों के आधार पर.
00:28
This map -- (Applause) -- this map shows the number of seconds
यह नक्षा -- (तालियाँ) -- दिखाता है की, कितने सेकंड
00:35
that American network and cable news organizations dedicated to news stories,
अमरीकी चॅनल और केबल समाचार संगठनों ने ख़बरों को समर्पित करे,
00:49
by country, in February of 2007 -- just one year ago.
देशों के आधार पर, फ़रवरी २००७ में -- केवल एक साल पहले
00:54
Now, this was a month when North Korea agreed to dismantle its nuclear facilities.
अब, यह वह महिना था जब उत्तरी कोरिया ने अपनी परमाणु इकाइयों को नष्ट करने का निर्णय लिया.
00:59
There was massive flooding in Indonesia.
इंडोनेशिया में भयंकर बाढ़ आई.
01:05
And in Paris, the IPCC released its study confirming man's impact on global warming.
और पेरिस में, आईपीसीसी ने भूमंदालिया उष्मीकरण पर मानव प्रभाव की पुष्टि करने वाली अपनी रिपोर्ट जारी की.
01:09
The U.S. accounted for 79 percent of total news coverage.
अमेरिका का हिस्सा कुल ख़बरों का ७९ प्रतिशत था.
01:17
And when we take out the U.S. and look at the remaining 21 percent,
और अगर हम अमेरिका को हटा दें और बाकि २१ प्रतिशत ख़बरों को देखें, तो
01:22
we see a lot of Iraq -- that's that big green thing there -- and little else.
हम काफी बड़ा भाग इराक का देखते हैं -- वह बड़ा सा हरा भाग है उस तरफ -- और थोडा बहुत कुछ और
01:27
The combined coverage of Russia, China and India, for example, reached just one percent.
उदाहरण के लिए रूस, चीन और भारत का संयुक्त कवरेज, केवल एक प्रतिशत तक पहुंचा.
01:34
When we analyzed all the news stories and removed just one story,
जब हमने सब ख़बरों का विश्लेषण किया और सिर्फ एक खबर हटाई,
01:42
here's how the world looked.
तो विश्व ऐसा दिखने लगा
01:48
What was that story? The death of Anna Nicole Smith.
अन्ना निकोल स्मिथ की मृत्यु की खबर.
01:50
This story eclipsed every country except Iraq,
इस खबर ने इराक के अलावा सब को पीछे छोड़ दिया
01:57
and received 10 times the coverage of the IPCC report.
और इसे आईपीसीसी रिपोर्ट के मुकाबले दस गुना कवरेज मिला
02:00
And the cycle continues;
और चक्र जारी है;
02:06
as we all know, Britney has loomed pretty large lately.
जैसा की हम सभी जानते, हैं ब्रिटनी आजकल काफी सुर्खियों में है.
02:08
So, why don't we hear more about the world?
तो क्यों हमने दुनिया के बारे में और कुछ नहीं सुना है?
02:11
One reason is that news networks have reduced the number of their foreign bureaus by half.
एक कारण यह है कि समाचार संगठनों ने अपने विदेशी ब्यूरो की संख्या आधी कर दी है.
02:14
Aside from one-person ABC mini-bureaus in Nairobi, New Delhi and Mumbai,
इसके अकेले अपवाद हैं एबीसी के नैरोबी, नई दिल्ली और मुंबई के एक व्यक्ति वाले छोटे ब्यूरो.
02:20
there are no network news bureaus in all of Africa, India or South America
तमाम अफ्रीका, भारत और दक्षिण अमेरिका में कोई भी समाचार संगठन ब्यूरो नहीं है.
02:29
-- places that are home to more than two billion people.
-- वह हिस्से जो दो अरब से ज्यादा लोगों का घर हैं.
02:37
The reality is that covering Britney is cheaper.
वास्तविक्ता यह है की ब्रिटनी पर खबर लिखना सस्ता है.
02:43
And this lack of global coverage is all the more disturbing
और वैश्विक ख़बरों की यह कमी और भी चिंताजनक है
02:48
when we see where people go for news.
जब हम यह देखते हैं की लोग ख़बरों के लिए कहाँ जाते हैं.
02:51
Local TV news looms large,
स्थानीय टीवी बड़ा अंश है,
02:54
and unfortunately only dedicates 12 percent of its coverage to international news.
और दुर्भाग्य से केवल १२ प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय समाचारों को समर्पित करता है.
02:58
And what about the web?
और वेब का क्या?
03:03
The most popular news sites don't do much better.
सबसे लोकप्रिय समाचार साइटें ज्यादा बेहतर नहीं है.
03:05
Last year, Pew and the Colombia J-School analyzed the 14,000 stories
पिछले वर्ष, पियु और कोलम्बिया जे-स्कूल ने १४,००० ख़बरों का विश्लेषण किया
03:09
that appeared on Google News' front page.
जो गूगल समाचार के मुख्य प्रुष्ट पर थी.
03:14
And they, in fact, covered the same 24 news events.
और उन्होंने दरअसल उन्ही २४ घटनाओं पर खबर दी थी.
03:17
Similarly, a study in e-content showed that much of global news from U.S. news creators
इसी प्रकार, एक वेब-सामग्री के अध्ययन से पता चला की अमरीकी समाचार रचनाकारों की ज्यादातर वैश्विक खबरें
03:21
is recycled stories from the AP wire services and Reuters,
एपी समाचार संगठन और रॉयटर्स की ख़बरों का पुनर्नवीनीकरण हैं
03:26
and don't put things into a context that people can understand their connection to it.
और ऐसा कोई सन्दर्भ नहीं देती है की लोगों को उनका संबंध समझ में आये.
03:30
So, if you put it all together, this could help explain why today's college graduates,
तो अगर हम सब कुछ एक साथ रख कर देखें तो समझ सकते हैं की क्यों आजकल के कॉलेज स्नातक
03:34
as well as less educated Americans,
और कम पड़े लिखे अमरीकी, , दोनों ही,
03:39
know less about the world than their counterparts did 20 years ago.
दुनिया के बारे में अपने २० साल पुराने समकक्षों से कम जानते हैं.
03:41
And if you think it's simply because we are not interested,
और अगर आपको यह लगता है की हमें कोई दिलचस्पी नहीं है,
03:44
you would be wrong.
तो आप गलत होंगे.
03:50
In recent years, Americans who say they closely follow global news most of the time
हाल के वर्षों में, विश्व समाचारों पर अधिक रूप से गौर करने वाले अमरीकी लोगों
03:52
grew to over 50 percent.
की संख्या में ५० प्रतिशत से ज्यादा वृध्ही हुई है
03:59
The real question: is this distorted worldview what we want for Americans
असली सवाल: क्या हम अमरीकियों के लिए दुनिया देखने का विकृत तरीका
04:01
in our increasingly interconnected world?
हमारे इस अत्यधिक जुड़े हुए विश्व में चाहते हैं?
04:09
I know we can do better.
मुझे पता है कि हम बेहतर कर सकते हैं
04:12
And can we afford not to? Thank you.
और क्या ऐसा ना करने की हमारे पास गुंजाइश है? धन्यवाद.
04:15
Translated by Bhavya Rawal
Reviewed by Anshul Tyagi

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About the speaker:

Alisa Miller - CEO, Public Radio International (PRI)
As the CEO of Public Radio International, Alisa Miller works to bring the most significant news stories to millions -- empowering Americans with the knowledge to make choices in an interconnected world.

Why you should listen

Alisa Miller wants to define the future of how people will engage with storytelling and technology. She's CEO of PRI, Public Radio International, and is leading the organization’s transformation from a creator and distributor of news and audio into a multiplatform medium that informs and enables millions of people to act on stories that move them. An advocate for global perspectives in the news, she recently launched the Across Women's Lives Initiative at the Clinton Global Initiative to increase news coverage and engagement around global women’s issues.

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Alisa Miller | Speaker | TED.com